Skip to main content

डॉक्टर ए पी जे अब्दुल कलाम की कलम से।

.महान सपने देखने वालों के महान सपने हमेशा पूरे होते हैं।
.आकाश की तरफ देखिये। हम अकेले नहीं हैं। सारा ब्रह्माण्ड हमारे लिए अनुकूल है और जो सपने देखते हैं, मेहनत करते हैं,ये ब्रम्हांड उन्हें प्रतिफल देने की साजिश करता है।
.अपने मिशन में कामयाब होने के लिए आपको अपने लक्ष्य के प्रति एकचित्त निष्ठावान होना पड़ेगा।
.इससे पहले कि सपने सच हों आपको सपने देखने होंगे।
.तब तक लड़ना मत छोड़ो जब तक अपनी तय की हुई जगह पे ना पहुँच जाओ-ज़िन्दगी में एक लक्ष्य रखो, लगातार ज्ञान प्राप्त करो, कड़ी मेहनत करो, और महान जीवन को प्राप्त करने के लिए दृढ रहो।
.अगर तुम सूरज की तरह चमकना चाहते हो तो पहले सूरज की तरह जलो।
.असली शिक्षा एक इंसान की गरिमा को बढ़ाती है और उसके स्वाभिमान में वृद्धि करती है।
यदि हर इंसान के द्वारा शिक्षा के वास्तविक अर्थ को समझ लिया जाता है और उसे मानव गतिविधि के प्रत्येक क्षेत्र में आगे बढ़ाया जाता है, तो ये दुनिया रहने के लिए कहीं अच्छी जगह होगी।
.जब बच्चे 15,16 या  17 साल के होते हैं तब वे तय करते हैं कि उन्हें डॉक्टर, इंजिनियर या राजनीतिज्ञ बनना है या मंगल ग्रह या चंद्रमा पे जाना है, और ये वो समय होता है जब आप उन पर काम कर सकते हैं। आप उन्हें अपने सपनो को आकार देने में मदद कर सकते हैं।
.मेरा विचार है कि छोटी उम्र में आप अधिक आशावादी होते हैं और आपमें कल्पनाशीलता भी अधिक होती है,
.जीवन एक कठिन खेल है। आप एक व्यक्ति होने के अपने जन्मसिद्ध अधिकार को बनाये रखकर इसे जीत सकते हैं।
.मेरे लिए, नकारात्मक अनुभव जैसी कोई चीज नहीं है।
.चलिए मैं एक लीडर को डिफाइन करता हूँ। उसमे एक विजन और पैशन होना चाहिए और उसे किसी समस्या से डरना नहीं चाहिये। बल्कि, उसे पता होना चाहिए कि इसे हराना कैसे है। सबसे ज़रूरी, उसे ईमानदारी के साथ काम करना चाहिए।
.हम एक देश के रूप में विदेशी चीजों को लेकर इतने जुनूनी क्यों हैं? क्या ये हमारे कोलोनियल इयर्स की विरासत है? हमें विदेशी टीवी सेट्स चाहियें। हमें विदेशी शर्ट्स चाहियें। हमें विदेशी टेक्नोलॉजी चाहिए। इम्पोर्टेड चीजों के लिए इतना जूनून क्यों है?
.मेरा संदेश, विशेष रूप से युवाओं के लिए, है कि वे अलग सोचने का साहस रखें, आविष्कार करने का साहस रखें, अनदेखे रास्तों पर चलने का साहस रखें, असंभव को खोजने और समस्याओं पर जीत हासिल करके सफल होने का साहस रखें। ये महान गुण हैं जिनके लिए उन्हें ज़रूर काम करना चाहिए। युवाओं के लिए ये मेरा सन्देश है।
.यदि चार बातों का पालन किया जाए – एक महान लक्ष्य बनाया जाए, ज्ञान अर्जित किया जाए, कड़ी मेहनत की जाए, और दृढ रहा जाए – तो कुछ भी हासिल किया जा सकता है।
.मुझे पक्का यकीन है कि जब तक किसी ने नाकामयाबी की कड़वी गोली न चखी हो, वो कायमाबी के लिए पर्याप्त महत्वाकांक्षा नहीं रख सकता।

Comments

Popular posts from this blog

जरूरी क्या है अच्छा बनना या अच्छा दिखना?

आपके मरने के बाद कोई भी ये याद नहीं रक्खेगा कि ये कपड़े बहुत ब्रांडेड पहनता था। इसके पास फ़ोन बहुत अच्छा था। इसकी कार बहुत महंगी थी। या इसके पास बहुत बड़ा बंगला था । इन सब बातों को कोई भी याद नही रक्खेगा। सिवाय इसके की आपका व्यक्तित्व कैसा था। ये बात थोड़ी अटपटी जरूर लगती है लेकिन ये सच है। किसी को कोई मतलब नही है कि आप क्या पहनते है? किससे चलते हैं क्या खाते हैं क्या पीते हैं कितने महंगे घर में रहते हैं किसी को कोई फर्क नही पड़ता। लोग आपको केवल आपकी पर्सनैलिटी से याद रखते हैं आपके बिहेवियर से याद रखते हैं,आपकी पॉजिटिविटी से याद रखते हैं आपकी सिनसीअर्टी से याद रखते हैं अपने काम के लिए जो आपका डेडिकेशन है उसके लिए याद रखते हैं। और इसका आपके चहेते ब्रैंड से कोई लेना देना नही है। लेकिन हम सब कहीं ना कहीं दूसरों का ध्यान अपनी ओर करना चाहते हैं। इस दुनिया का हर इंसान, यही चाहता है कि सबका ध्यान मेरी तरफ हो। हर कोई कहीं न कहीं मुझसे अट्रैक्ट हो और हम इसी चक्कर में एक से एक महँगा सामान खरीदते हैं, ज्यादा से ज्यादा पैसा खर्च करते हैं अच्छा दिखने के लिए। अच्छा बनने के लिए नही। क्यों...

क्या सब कुछ दिखावा है?

अब सोंचने का समय नही है। क्योंकि ये कई मायनों में साबित हो चुका है कि हमारी हर परेशानी की वजह हम खुद हैं । और इसमें कोई दो राय नही है कि हमारी हर समस्या को हमने खुद पैदा किया है । ये कही बाहर से नही हो रहा। कोई और आकर आपको परेशानी में नही डाल रहा आप खुद ही परेशान हैं वो भी अपने अंदर की मानसिकता के कारण। बस हम समझ नही पा रहे है। जीवन के इतने सारे पहलुओं में ये भी एक पहलू है । जिसे समझना बहुत जरूरी है क्योंकि आप की सारी परेशानिया आप से है। या यूं कह लें आप खुद है। क्योंकि इस पूरी दुनिया में सिवाय इंसान के और कोई ऐसा जीव नही है जो सामाजिक रूप से रहता हो। कोई नही है। सिवाय हमारे । क्योंकि हम अलग है । हम सोंच सकते है,समझ सकते हैं,बोल सकते हैं। हम अपनी कल्पनाओं को वास्तविकता का रूप दे सकते है। और उसी वास्तविकता में जीते हैं लेकिन अगर इसकी ऊपरी परत को हटाकर देखा जाए तो आपको ये समझ आएगा कि आखिरमें सब कुछ कल्पना है। हमने अपनी लाइफ में जो भी चीज वास्विकता में देखी है वो पहले कल्पना थी। पहले हमने उसे अपनी कल्पना में देखा। फिर वो अस्तित्व में आई। हर चीज। एक सुई से लेकर सैटेलाइट...

समस्या नहीं तो सफलता भी नहीं।

आपने टीवी पर शेर को हिरण का शिकार करते हुए देखा होगा । आपने देखा होगा कि कैसे शेर हिरणों के झुंड पर अटैक करता है और किसी एक को मार के अपनी भूख को शांत कर लेता है। अब इसे थोड़ा सा चेंज कर देते है सोंचिये क्या हो अगर हिरणों का झुंड भागने की बजाय सारा का सारा शेर की ही तरफ हमला कर दे। शेर कितनो को मरेगा । एक को दो को तीन को चार को पांच को छह को बस इससे ज्यादा शेर का स्टैमिना नही होता कि वो एक ही टाइम में  इतने सारे हिरणों को मार सके । और उसे अपनी जान बचा के भागना पड़ सकता है । बट सारे हिरण भागते क्यों हैं । आपने कभी सोंचा । बिकॉज उनमें से हर एक हिरण शेर को देखते ही ये सोंचने लगता है यार मैं तो अकेला हूँ। अगर नही भागा तो ये मुझे मार के खा जाएगा। एंड जैसे ही वो सब ये सोंचके भागने लगते है शेर का काम और आसान हो जाता है बस दौड़ के उनकी गर्दन दबोचनी होती है ना लड़ना पड़ता है और ना ही कोई कॉम्पटीशन। बस मारा और खा गया। कहानी खत्म। अब जब आप इसे अपनी लाइफ से कोरिलेट करेंगे तो शायद ऊपर वाली बकवास समझ आये। हिरण की तरह हमे भी हर वो मुसीबत , हर वो प्रॉब्लम, हर वो बुरी घटना शेर ही लग...