मन। नाम सुनते ही ये लगने लगता है कि यार अब मन में क्या चल रहा है? मतलब आपको पता भी नही चलता और आपका मन पूरे ब्रम्हांड के चक्कर लगा के आ जाता है । है न कितनी कमाल की चीज।। लेकिन सवाल ये है, कि क्या मन जैसी कोई चीज है भी? क्या वास्तव में हमारी बॉडी में मन नाम का कोई पार्ट है,जिसका हम इस्तेमाल कर पा रहे हैं या नहीं। कइयों का मानना है कि हमारे अंदर से जो आवाज आती है वो हमारे मन की आवाज होती है। यानी हम जो कुछ भी अपने अंदर सुन पाते हैं , अपने आप जो बात कर पाते है वो हमारे मन की आवाज है । दिमाग की बात अलग और मन की बात अलग। अब अगर ये है तो इसका क्या काम है,सबको नही पता। इनफैक्ट हमारा मन कब हमसे क्या करवा दे या कब हमको किस चीज की धुन लगवा दे कुछ कहा नही जा सकता। और सबसे बड़ी बात । 90% लोगों का इसपे कोई कन्ट्रोल नही होता। हमें नही पता कि क्या होना है ? क्या हो रहा है? और क्या होने वाला है ? और कुछ न पता होते हुए भी हम सभी इसी में उलझे रहते हैं। पर हममें से ज्यादातर लोग यही मानते है कि मन है। ये कहाँ है, हमारे शरीर के किस हिस्से में है? किसी को नही पता लेकिन है। मन है। ...